Monday, 16 November 2020
हँसता चेहरा
Monday, 12 October 2020
महाकाल
Friday, 14 August 2020
जश्न - ए - आज़ादी
Saturday, 25 July 2020
कारगिल विजय दिवस
ये पंक्तियां उन वीरों की पूजा के लिए है , जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।।
" कारगिल विजय दिवस"
झुकालो आज शीश अपने , तुम गर्व के एहसास से
शहीदों को दो सलामी , तुम देश प्रेम के एहसास से
नम आंखें हो तुम्हारी , खुशी और श्रद्धा के भाव से
दिन आज वही, जिस दिन लड़े वे अपनी अंतिम सांस से
मिली विजय एक बार फिर उनके शौर्य और साहस से
फिर एक बार जीत गए हम अपने पड़ोसी सांप से
झुकालो आज शीश अपने , तुम गर्व के एहसास से
शहीदों को दो सलामी , तुम देश प्रेम के एहसास से
दफन हुई जो ज़िंदगियाँ उन बर्फीली सफेद कपास में
अमर हुई वे समस्त जीवन , जन - मन के विश्वास में
याद रखेंगे विजय दिवस को विजय पर्व के एहसास से
झुकालो आज शीश अपने , तुम गर्व के एहसास से
शहीदों को दो सलामी, देश प्रेम के एहसास से।।
Saturday, 4 July 2020
संघर्ष वीर
Monday, 15 June 2020
"न रख बैर जीवन से प्राणी"
Saturday, 6 June 2020
"गीत नहीं झनकार के"
Friday, 29 May 2020
मायूस चेहरे
Tuesday, 19 May 2020
पृथ्वीराज चौहान
Saturday, 16 May 2020
टिक टॉक के बीमार
Saturday, 9 May 2020
प्राकृतिक विध्वंस
Monday, 4 May 2020
धनी और दानी
Tuesday, 14 April 2020
देश के जयचन्द
Monday, 30 March 2020
क्यों नही सीखते इतिहास से
Sunday, 22 March 2020
माँ का आँचल
कैसी अजब है ये बात कि संताने समझने लगती हैं ,
बुजुर्गो को खुद पर बोझ।
एक बात समझलो ऐ नादानों,
इस जीवन में हो तुम उनके आलोक।
बुलंदियों को छूने की चाह मन में आई थी,
साथ दिया उस माता ने जो आज तुझे न
भाई थी।
जब काल तेरा आएगा ,
न रोएगी दुनिया तुझ पर।
वही माँ फिर भी तुझे,
अपने आँचल में सुलयेगी।।
धन्यवाद (तरुण त्यागी)